श्री बिषापहर स्तोत्र मंडल विधान एवं गुरुबाणी मंथन शिविर। दिनांक 29-30 अप्रैल एवं 01-02 मई 2025 । अधिक जाननेकेलिए 'आयोजन' (Event ) पेज में क्लिक करे

श्री परमागम मंदिर

abo

श्री परमागम मंदिर

श्री परमागम मंदिर (नं.-21) सिद्धक्षेत्र सोनागिर की तलहटी में स्थित मंदिर क्रमांक 21, श्री नंग-अनंग दिगम्बर जैन परमागम मंदिर में मूलनायक श्री 1008 चन्द्रप्रभ भगवान की साढ़े पाँच फीट उत्तमा पदमासन की प्रतिमा विराजमान है साथ में श्री आदिनाथ भगवान की धातु श्री प्रतिमा विराजमान है जहाँ प्रतिदिन श्री जिनेन्द्र भगवंतों के दर्शन, पूजन के साथ-साथ वीतरागवाणी का लाभ स्वाध्याय के माध्यम से सभी जीवों को प्राप्त होता है।

चारों तरफ परमागम मंदिर की दीवालो पर उकेरे गए श्री पंच परमागम, श्री तत्त्वार्थसूत्र, श्री रत्नकरण्ड श्रावक श्री भक्तामर आदि लिपिवद्ध है तथा चारों तरफ काँच की अमूतपूर्व कलाकारी है इसीलिए इसे काँच मंदिर भी हमें है

श्री परमागम मंदिर जी में प्रतिदिन सैकड़ों साधर्मीजन जिनदर्शन पूजन करते आते है और प्रतिदिन प्रातःकाल विद्वानों द्वारा शास्त्र-स्वाध्याय का लाभ लेते है, शाम को जिनेन्द्रभक्ति होती है तथा समय-समय पर भक्ति संगीत के साथ मण्डल विधान आध्यात्मिक शिविर में अनेक विशिष्ट विद्वानों के प्रवचन में विशेष मंगलमय प्रभावना होती है।

आत्माराधना एवं जिनशासन की मंगलमय प्रभावना युगों-युगों तक होती रहे इस पवित्र भावना के फलाचरूप वाणीभूषण पं. ज्ञानचन्दजी विदिशा की मंगलप्रेरणा एबं पूनम चाँद जी सेठी एबं सेठी परिवार, नई दिल्ली में शुभमुर्हत में श्री परमागम मंदिर का शिलान्यास हुआ और शीघ्र ही विशाल भव्य जिनमंदिर का निर्माण होकर फरवरी 1995 में ऐतिहासिक श्री आदिनाथ पंचकल्याणक महोत्सव फाल्गुन शुक्ल सप्तमी श्री चन्द्रप्रभ स्वामी के निर्वाण कल्याण के पवित्र दिन ही श्री 1008 चन्दप्रभ स्वामी की अतिशय युक्त अत्यन्त विशाल एवं मनोज्ञ प्रतिमा श्री परमागम मंदिरजी में विराजमान हुई उस दिन से लेकर आप तक सहम्त्रों मण्डल विधान, आध्यात्मिक शिविर, आध्यात्मिक तत्त्व संगोष्ठी आदि के माध्यम से जिनशासन की मंगलमय प्रभावना होती आ रही है श्री परमागम मंदिर में बाहर से विशाल शिखर वद्ध व आकर्षक गुम्मचों सहित सुन्दर कलाकृति से उकीर्ण क्रीम कलर के पाषाण से सुजज्जित और अन्दर में आचार्य कुन्दकुन्द देव विरचित परमागम ग्रन्थों सहित चारों अनुयोग के ग्रन्थों की गाथाएँ धबल पाषाण पर उत्कीर्ण है। वही प्रथमानुयोग में वर्णित प्रराण पुरुषों की हुई है। इसी के साथ जिनधर्म से सम्बन्धित चिन्तावली व जिन वचन अत्यन्त सुन्दर काँच के कार्य से पूरा परमागम मंदिर जगमग जगमग हो रहा है।

abo
सहयोग हेतु 'श्री परमागम श्रावक ट्रस्ट सोनागिर' के बचत खातों के नम्बरों में किसी एक में जमा कर, सूचित करें।

सेन्ट्रल बैंक (दतिया) 3048944249 (CBIN0281424)
स्टेट बैंक (दतिया) 30184904478 (SBIN 0000358)
यूको बैंक (सौनागिर) 11680100002307 (UCBA 1168)